Wednesday, February 21, 2024
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रामपुर तिराहा गोलीकांड मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने तय किए तत्कालीन छपार एसओ पर आरोप

मुजफ्फरनगर कोर्ट ने रामपुर तिराहा कांड में अहम फैसला सुनाया है। जिसमें छपार थाने के तत्कालीन एसओ पर कोर्ट ने आरोप तय कर दिए हैं। तत्कालीन एसओ पर आरोप है कि उन्होंने संबंधित मामले की जीडी फाड़ दी थी और फर्जी जीडी एंट्री का आरोप लगा था।

रामपुर तिराहा कांड के आरोपियों को सख्त सजा की मांग लगातार उठती रही है। इस कांड से उत्तराखंड की जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसलिए रामपुर तिराहा कांड के फैसले पर प्रदेश के लोग निगाहें बनाए रखते हैं। वहीं मुजफ्फरनगर जिले की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 29 साल पुराने चर्चित रामपुर तिराहा कांड की सुनवाई करते हुए छपार थाने के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक पर आरोप तय कर दिए हैं। तत्कालीन थाना प्रभारी पर आरोप था कि साक्ष्य मिटाने को उन्होंने जीडी फाड़ दी थी। मंगलवार को उन्हें बीमारी की हालत में ही कोर्ट में पेश किया गया। बता दें कि उत्तराखंड गठन करने की मांग को लेकर देहरादून की ओर से गाड़ियों में सवार होकर हजारों लोग 1 अक्टूबर 1994 को दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। इन्हें इसी दिन शाम के समय मुजफ्फरनगर में थाना छपार के रामपुर तिराहा पर बैरिकेडिंग कर रोक लिया गया था। रात के समय आंदोलनकारियों पर पुलिसिया जुल्म हुआ था। आरोप है कि पुलिस की गोली लगने से सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। पुलिस पर महिलाओं के साथ ज्यादती का भी आरोप लगाया गया था। सीबीआई ने मामले की जांच की थी।

साल 2003 में फायरिंग के मामले में तत्कालीन डीएम को भी नामजद किया गया। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने एक पुलिसकर्मी को 7 साल जबकि दो अन्य पुलिकर्मियों को दो-दो साल की सजा सुनाई। वहीं 2007 में तत्कालीन एसपी को भी सीबीआई कोर्ट ने बरी कर दिया और फिर मामला लंबित रहा। रामपुर तिराहा कांड को लंबा वक्त बीत गया और राजनीतिक तौर पर पार्टियां एक दूसरे दलों पर आरोप लगाती रहीं। कोर्ट ने आरोप किए तय: मंगलवार को सिविल जज सीनियर डिविजन फास्ट ट्रैक कोर्ट मयंक जायसवाल के समक्ष रामपुर तिराहा कांड से संबंधित सीबीआई बनाम राजेंद्र और सीबीआई बनाम राजवीर सिंह के मुकदमे की फाइल पर सुनवाई हुई। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी राजवीर सिंह पर दो अलग अलग मुकदमों में आरोप तय हुए हैं। राजवीर सिंह पर आरोप था कि उन्होंने मुकदमे से संबंधित जीडी फाड़ दी थी और साथ ही उनपर जीडी में फर्जी एंट्री का भी आरोप था. राजवीर सिंह पर मंगलवार को कोर्ट ने आरोप तय किए हैं।

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