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इनसाइड स्टोरीः देहरादून में बेरोजगार युवाओं का शांतिपूर्ण आंदोलन कैसे हुआ हिंसक! अराजक तत्वों की एंट्री या खुफिया तंत्र का फेलियर?

रुद्रपुर:10.02.2023 तापस विश्वास

उत्तराखंड में परीक्षा घोटालों के विरोध में युवाओं का लगातार विरोध प्रदर्शन जारी है। देहरादून में बेरोजगार युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने शुक्रवार को प्रदेश में बंद का आह्वान किया है। साथ ही सभी सामाजिक संगठनों से बंद को सफल बनाने की अपील की गई है। प्रदर्शनकारियों ने मांगे ना माने जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी भी दी है। अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग उत्तराखंड समेत अन्य सरकारी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आये हैं। जिसके बाद देहरादून के गांधी पार्क पर विरोध कर रहे युवाओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया, साथ ही घंटाघर पर विरोध करने पहुंचे युवाओं पर भी पुलिस ने लाठीचार्ज किया। जिसके बाद कई जिलों में प्रदर्शन की खबरें सामने आ रही हैं। प्रदेश के जिलो में प्रदर्शन किया गया और सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। आक्रोशित छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर सरकार के सामने पांच सूत्रीय मांगे रखी हैं।

लेकिन वही बाईट दिन प्रदेश के मुख्यालय देहरादून में युवाओं का रोजगारपरक परीक्षाओं में शुचिता और पारदर्शिता लाने का आंदोलन एकाएक ऐसा विकराल हुआ कि ना तो आंदोलन शुरू करने वाले युवा उसे रोक पाए और ना ही पुलिस इसे शांत रख पाई। देहरादून में कुछ युवाओं से शुरू हुए इस आंदोलन ने कैसे हज़ारों की संख्या जुटाई और कब शांतिपूर्ण आंदोलन लाठीचार्ज, पथराव और फिर गिरफ्तारियों में तब्दील हो गया जानिए।

उत्तराखंड में यूं तो अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की स्नातक स्तरीय परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के सामने आने के बाद से ही युवा आक्रोशित दिखाई दे रहे थे। लेकिन लोक सेवा आयोग में पटवारी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद तो युवा सड़कों पर भी दिखाई देने लगे। इसका नतीजा हुआ कि उत्तराखंड बेरोजगार संघ के बैनर तले बॉबी पंवार ने युवाओं को मौजूदा सिस्टम के खिलाफ एकत्रित करना शुरू किया। यह लड़ाई सड़क से ज्यादा सोशल मीडिया पर दिखाई देने लगी। प्रदेश में मौजूदा हालातों की शुरुआत बुधवार से हुई।

आइए आपको बता है बाईट दिन देहरादून में कब क्या हुआ

युवाओं के धरने को आंदोलन का रूप लेने की शुरुआत बुधवार से हुई। 8 फरवरी को बेरोजगार संघ से जुड़े युवा गांधी पार्क के पास अपनी मांग को मनवाने के लिए धरने पर जुटे। इस दौरान यहां भी युवाओं की संख्या बढ़ रही थी। हालांकि 100 से ज्यादा युवा यहां जुट गए थे। पुलिस ने इन युवाओं को यहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया। युवाओं ने आरोप लगाया कि रात करीब 12:30 बजे पुलिस ने छात्रों और छात्राओं के साथ मारपीट करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। रात 1:00 बजे यहां से हटाकर सतारा रोड स्थित एकता विहार छोड़ दिया। बुधवार रात को छात्रों के साथ मारपीट का वीडियो भी छात्रों ने सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसके साथ ही गुरुवार को गांधी पार्क पर इकट्ठा होने की अपील भी की गई। बेरोजगार संघ की अपील के बाद गुरुवार को सुबह करीब 10:00 बजे गांधी पार्क में युवा इकट्ठा होने लगे। हालांकि इस दौरान यातायात सुचारू रहा। उधर युवाओं की गांधी पार्क में सख्या लगातार बढ़ती गई। गुरुवार सुबह से ही छात्रों की देहरादून में गहमागहमी जारी थी।1 घंटे में ही गांधी पार्क में सैकड़ों युवा जुट गए। सुबह 11:00 बजे गांधी पार्क और इसके आसपास युवाओं की अच्छी खासी भीड़ दिखाई देने लगी। अगले 1 घंटे में ठीक 12:00 बजे गांधी पार्क में सैकड़ों से युवाओं की संख्या हजारों में पहुंचने लगी। युवा हजारों की संख्या में गांधी पार्क में जुट गए। संख्या इतनी ज्यादा थी कि गांधी पार्क से घंटाघर तक युवाओं की भीड़ ही भीड़ दिखाई दे रही थी। इसके बाद युवाओं ने घंटाघर से गांधी पार्क तक सड़क को जाम कर दिया। छात्र और बेरोजगार युवा सड़क पर ही बैठ गए। इस स्थिति के बाद पुलिस को इस पूरी सड़क को बंद करना पड़ा। हालात यहां तक पहुंच गए कि राजधानी देहरादून के यातायात को डायवर्ट भी करना पड़ा। दिन में करीब 12:30 बजे के आसपास जाम की स्थिति विकराल बन गई। जाम में सबसे ज्यादा स्कूली बच्चों और अभिभावकों को दिक्कतें आईं। घंटाघर और गांधी पार्क के सामने वाली सड़क पर यातायात रोक दिया गया। इससे चकराता रोड, सुभाष रोड, परेड ग्राउंड के सामने वाली सड़क, सचिवालय के सामने राजपुर रोड, एश्ले हॉल चौक, सर्वे चौक, तहसील चौक, साथी प्रिंस होटल वाली सड़क तक भी जाम की स्थिति दिखाई दी।

पुलिस और प्रशासन हजारों युवाओं की भीड़ देखकर हथियार डालता हुआ नजर आया। हालांकि करीब 2:00 बजे सिटी मजिस्ट्रेट और एसपी सिटी मौके पर पहुंचे। इसके बाद युवाओं ने विरोध तेज कर दिया। यहीं से देहरादून में हंगामा और बवाल की शुरुआत हो गई। दोपहर करीब 2:15 बजे एसएसपी देहरादून और आईजी गढ़वाल समेत जिला अधिकारी भी गांधी पार्क पहुंच गए। इन अधिकारियों की युवाओं ने गांधी पार्क के भीतर घेराबंदी कर ली। इस दौरान पानी की भरी बोतलें फेंकी गईं। दोपहर 2:30 बजे किसी भी अधिकारी से कोई बातचीत सकारात्मक रूप नहीं ले पाई। इसके बाद अधिकारी बैरंग लौट गए। इधर पुलिस खुद को लाचार महसूस कर रही थी। उधर बेरोजगार संघ के आह्वान पर प्रदर्शन में जुटे युवाओं का गुस्सा सातवें आसमान पर था।

उत्तराखंड बेरोजगार संघ के आंदोलन में दोपहर 2 बजकर 42 मिनट पर तब मोड़ आया जब विपक्षी नेता वहां पहुंच गए। कांग्रेस के नेताओं ने आग में घी डालने का काम किया। करीब 2:42 पर कांग्रेस के नेता प्रीतम सिंह भी युवाओं के बीच पहुंच गए. हालांकि युवाओं ने उनका विरोध कर उन्हें भी वहां से जाने को मजबूर कर दिया। दोपहर करीब 3:00 बजे बेरोजगार बड़ी संख्या में घंटाघर में भी इकट्ठा हो गए। युवाओं की भारी भीड़ के कारण यहां चलते हल्के यातायात को भी पूरी तरह से रोक दिया गया। देहरादून शहर पर धीरे-धीरे आंदोलनकारी युवाओं का कब्जा होता जा रहा था। पुलिस खुद को मजबूर महसूस कर रही थी। दोपहर करीब 3:15 पर जाम लगता देख पुलिस ने घंटाघर पर लाठीचार्ज किया। 3:30 पर गांधी पार्क की एक तरफ की सड़क पर पुलिस युवाओं को डांट डपट कर हटाने की कोशिश करने लगी। पुलिस के लाठीचार्ज और डांट डपट से बेरोजगार संघ के प्रदर्शनकारी युवा भड़ गए। बस यहीं से माहौल बिगड़ गया। करीब 3:40 पर यह पूरा क्षेत्र पथराव का मुख्य प्वाइंट बन गया। युवाओं ने पथराव करते हुए पुलिस को खदेड़ दिया। खास तौर पर यहां पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाया गया।माहौल बिगड़ता देख पुलिस ने अब युवाओं को यहां से खदेड़ना शुरू कर दिया। शाम 4 बजकर 20 मिनट पर एडीएम ने सड़क खाली करने के निर्देश दे दिए। इस दौरान पुलिस लाठीचार्ज से गुस्साए युवाओं ने जोरदार पत्थरबाजी शुरू कर दी। बेरोजगार युवाओं के बीच से पत्थरबाजी कर रहे उपद्रवियों के हमले में 15 पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस के लाठीचार्ज में 50 से ज्यादा युवाओं को भी चोटें आईं। इसके बाद पुलिस ने युवाओं की गिरफ्तारियां शुरू कर दी. करीब 10 बसों को मौके पर लाकर युवाओं की गिरफ्तारियां हुई। शाम 4:55 पर बेरोजगार युवा प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के बावजूद हजारों युवा धरने पर बैठ गए। इसके बाद फिर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें यहां से खदेड़ दिया। शाम करीब 5:15 पर गांधी पार्क से युवाओं को पूरी तरह से खदेड़ दिया गया। यातायात को सुचारू कर दिया गया. रात करीब 8:00 बजे सुद्धोवाला जेल में गिरफ्तार कर रखे गए प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में इंटेलिजेंस फेल होता हुआ दिखाई दिया। पुलिस के साथ प्रशासन भी हालातों को समझने में नाकामयाब रहा। 15 बजे बेरोजगार संघ के अध्यक्ष ने एक वीडियो जारी कर शुक्रवार को उत्तराखंड बंद का आह्वान किया. इस मामले में 13 नामजद आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की गई है. जिसमें बेरोजगार संघ के अध्यक्ष बॉबी पंवार को मुख्य आरोपी बनाया गया. इनके खिलाफ जानलेवा हमले, बलवा और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने समेत पथराव के आरोप हैं.गुरुवार 9 फरवरी 2023 रात 09:30 बजे: रात करीब 9:30 बजे सरकार की तरफ से नकल विरोधी कानून को जल्द लागू करने की सूचना भेजी गई. इस दौरान तमाम मंत्रियों और मुख्यमंत्री ने भी युवाओं से शांति बरतने की अपील की। पुलिस ने शुक्रवार की स्थितियों के लिए अतिरिक्त बल देहरादून में मंगवाया।

उत्तराखंड में अब तक परीक्षाओं में धांधली को लेकर 5 एग्जाम निरस्त हो चुके हैं 66 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है. साल 2015 से अब तक उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग और लोक सेवा आयोग की तरफ से 3,314 पदों के लिए 7 परीक्षाएं कराई गई हैं इनमें दो परीक्षा कांग्रेस 2 तो 5 बीजेपी शासनकाल के दौरान हुईं. इन 7 परीक्षाओं में से पांच परीक्षाएं कैंसिल की जा चुकी है अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की 2016 की vpdo, 2021 की स्नातक स्तरीय परीक्षा और सचिवालय रक्षक, वन दरोगा भर्ती परीक्षा और लेखपाल परीक्षा निरस्त हो चुकी हैं।

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