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वो दिन जब सैफई नही बल्कि देहरादून पहुंचे थे मुलायम

10/10/2022, देहरादून। यह चार दिसंबर 1993 की बात है। अविभाजित उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बन चुकी थी। मुलायम सिंह यादव मुख्यमंत्री हो गए थे। जश्न, स्वागत और तमाम तरह के कार्यक्रमों में मुलायम सिंह यादव व्यस्त थे। अचानक से उनका देहरादून का कार्यक्रम तय हो गया।

सभी लोग हैरत में थे कि मुलायम अपने गांव सैफई भी अभी तक नहीं जा पाए हैं, ऐसे में देहरादून कैसे जा रहे हैं। मगर यह मुलायम थे, जिन्हें उनके इरादों में सख्त माना जाता था। वह सरकार गठन के एक सप्ताह के भीतर ही 11 दिसंबर 1993 को देहरादून पहुंच गए। वे ओल्ड मसूरी रोड स्थित उस स्वामी रामतीर्थ आश्रम में गए, जहां पर साल भर पहले उन्होंने ऐलान किया था-यदि सपा की सरकार बनेगी, तो अपने गांव सैफई बाद में जाऊंगा, पहले देहरादून आऊंगा।

उत्तराखंड आंदोलन के बाद मुलायम सिंह यादव भले ही पहाड़ से दूर होते गए, लेकिन उनकी समाजवादी पार्टी के गठन के बीज उत्तराखंड की धरती पर ही पडे़ थे। इस बात को मुलायम सिंह यादव ने हमेशा याद रखा, हालांकि उत्तराखंड आंदोलन के बाद न तो उन्हें और न ही उनकी समाजवादी पार्टी को पहाड़ ने कभी स्वीकार किया।

दरअसल, चार अक्टूबर वर्ष 1992 से पहले, जबकि मुलायम सिंह यादव की समाजवादी पार्टी का कोई वजूद नहीं था, तब देहरादून आए मुलायम सिंह यादव ने छोटे राज्यों के पक्ष में सहमति प्रकट की थी। उस समय मुलायम सिंह यादव दिग्गज नेता चंद्रशेखर की टीम के सदस्य थे और उन पर समाजवादी जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी थी।

इसी बीच, टिहरी के एक कार्यक्रम में चंद्रशेखर ने छोटे राज्यों की अवधारणा के खिलाफ राय प्रकट कर दी। कुछ समय बाद मुलायम सिंह यादव दून आए, तो उनके समर्थकों ने इस पर एतराज जताते हुए एक अलग दल बनाने पर जोर दिया। समाजवादी जनता पार्टी उस वक्त पहले ही दिग्गज नेताओं के अंतर्विरोध से गुजर रही थी।
मुलायम सिंह यादव

छोटे राज्य का एक बहाना और बन गया। उस वक्त मुलायम सिंह यादव की टीम का हिस्सा रहे सूर्यकांत धस्माना के अनुसार, दून में मुलायम सिंह यादव की उपस्थिति में तय हुआ कि नए दल का नाम समाजवादी पार्टी रख लिया जाए। सपा का विचार दून में ही उपजा और बाकी का सारा काम लखनऊ जाकर मुलायम सिंह यादव ने बाद में किया।

वर्ष 1992 में सपा की युवा शाखा युवजन सभा के राष्ट्रीय महासचिव रहे सूर्यकांत धस्माना बताते हैं-सपा के गठन के बाद नवंबर 1992 में सबसे पहले देहरादून में ही पार्टी का राष्ट्रीय स्तर का शिविर आयोजित किया गया। इसमें सात दिन तक मुलायम सिंह यादव खुद उपस्थित रहे।

बकौल-धस्माना, तब मुलायम सिंह यादव ने कहा था-सात दिन या तो मैं जेल में रहा हूं या फिर देहरादून में। इसी मौके पर उन्होंने यह भी ऐलान किया था-सपा की सरकार बनी, तो सैफई बाद में जाऊंगा, पहले देहरादून आऊंगा। मुलायम सिंह यादव ने अति व्यस्तता के बावजूद अपना वादा पूरा किया था।

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