उत्तराखंड सरकार ने आगामी विधानसभा बजट सत्र गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आयोजित करने का निर्णय लिया है। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 9 से 13 मार्च तक पांच दिवसीय बजट सत्र आयोजित होगा। ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में सत्र आहूत किए जाने के निर्णय को जनभावनाओं से जुड़ा माना जाता है। पिछले 12 वर्षों में भराड़ीसैंण में कुल 10 सत्र आयोजित हुए हैं, जिनमें सदन की कार्यवाही कुल 35 दिनों तक चली है।
गैरसैंण में पहला विशेष विधानसभा सत्र 9 से 11 जून 2014 तक टेंट में आयोजित किया गया था। उस समय प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत थे। राज्य आंदोलनकारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए उनकी सरकार ने यह ऐतिहासिक पहल की थी। इसके बाद 2 से 3 नवंबर 2015 तक भी टेंट में सत्र आयोजित हुआ।स्थायी विधानसभा भवन बनने के बाद 17 से 18 नवंबर 2016 को भराड़ीसैंण में पहला सत्र आयोजित किया गया। इसे तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने ऐतिहासिक बताया था। इसके बाद 7 से 8 दिसंबर 2017 और 20 से 26 मार्च 2018 तक यहां सत्र आयोजित हुए।हालांकि 2019 में गैरसैंण में कोई सत्र नहीं हुआ। फिर 3 से 7 मार्च 2020 और 1 से 6 मार्च 2021 तक बजट सत्र आयोजित किए गए। वर्ष 2022 में भी यहां सत्र नहीं बुलाया गया। इसके बाद 13 से 16 मार्च 2023, 21 से 23 अगस्त 2024 और 19 से 20 अगस्त 2025 तक सदन की कार्यवाही भराड़ीसैंण में चली।आंकड़ों के अनुसार 2014 से 2025 के बीच कुल 10 सत्र आयोजित हुए, जिनमें कुल 35 दिन कार्यवाही चली। गैरसैंण को राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किए जाने के बाद यहां सत्र बुलाने की परंपरा बनी, लेकिन हर वर्ष नियमित रूप से सत्र नहीं हो सके। अब एक बार फिर मार्च में प्रस्तावित बजट सत्र के साथ भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों, विकास योजनाओं और बजट प्रस्तावों पर चर्चा के लिए यह सत्र अहम माना जा रहा है। गैरसैंण में सत्र आयोजन को जहां एक ओर जनभावनाओं का सम्मान बताया जाता है, वहीं दूसरी ओर सीमित दिनों की कार्यवाही को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं। आगामी सत्र में एक बार फिर गैरसैंण की पहाड़ियों में लोकतंत्र की गूंज सुनाई देगी।

