श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए तैयार उत्तराखंड: चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन का एक्शन प्लान

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देहरादून। उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा इस वर्ष 19 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और आपदा-मुक्त बनाने के लिए प्रशासन, परिवहन विभाग और संबंधित समितियां पूरी तैयारी में जुट गई हैं। गुरुवार को चारधाम यात्रा के लिए बसों का चयन लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से किया गया। संयुक्त यात्रा बस अड्डा परिसर के एक होटल में आयोजित लॉटरी कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई। चारधाम यात्रा समिति के अध्यक्ष भास्करानंद भारद्वाज ने मटके से पहली पर्ची निकालकर प्रक्रिया शुरू की। पहली पर्ची में जीएमसीसी कंपनी की बस का नंबर निकला, जिसके मालिक अजय बधानी हैं। उन्हें इस बार चारधाम यात्रा की पहली बस चलाने का गौरव मिला है।

लॉटरी के अनुसार पहले पांच बसों में जीएमसीसी के बाद जीएमओ के संदीप बिष्ट, टीजीएमओ के लोकेश सेमवाल, टीजीएमओ के आकाश धने और जीएमओयू के रामेंद्र सिंह नेगी की बसें शामिल हैं। इस वर्ष यात्रा के लिए कुल करीब 2200 वाहनों को तैयार किया गया है, जिनमें से 1875 बसों का चयन लॉटरी के जरिए किया गया। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने चारधाम यात्रा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग को केदारनाथ और बदरीनाथ में रोटेशन के आधार पर चिकित्सकों की तैनाती करने को कहा गया है। सड़क, बिजली, पेयजल और हेली सेवाओं को सुचारू रखने पर विशेष जोर दिया गया है। मुख्य सचिव ने जाम और लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, बड़े होल्डिंग एरिया विकसित करने तथा यात्रियों के लिए भोजन और ठहराव की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘सचेत ऐप’ डाउनलोड को अनिवार्य बनाने और एसएमएस-वॉट्सएप के माध्यम से यात्रियों को समय-समय पर सूचनाएं देने को भी कहा। आपदा प्रबंधन विभाग को आपात स्थिति में हेलीकॉप्टर सेवा तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरणऔर उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने संयुक्त रूप से चारधाम यात्रा को आपदा-मुक्त बनाने के लिए विस्तृत टेबल टॉप एक्सरसाइज का आयोजन किया। बैठक की अध्यक्षता करते हुए एनडीएमए सदस्य कृष्णा एस. वत्स ने राज्य को हर संभव तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग देने का आश्वासन दिया। हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने की उम्मीद है। प्रशासन का प्रयास है कि इस पवित्र यात्रा को यादगार और परेशानी-मुक्त बनाया जाए। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले स्वास्थ्य जांच कराएं, मौसम की जानकारी लें और आधिकारिक ऐप व सूचनाओं का पालन करें।