चारधाम यात्रा प्रबंधन के लिए समन्वित योजना पर काम, उत्तराखंड सरकार सक्रिय

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उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार और संबंधित विभाग इस वर्ष प्रस्तावित चारधाम यात्रा को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने में जुटे हुए हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बड़ी संख्या में श्रद्धालु चारधाम पहुंच सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यात्रा के स्वरूप और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बैठकों का दौर जारी है। चारधाम यात्रा की व्यापक तैयारी को लेकर आगामी 16 फरवरी को ऋषिकेश में गढ़वाल आयुक्त की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में चारधाम यात्रा से जुड़े विभिन्न स्टेक होल्डर्स को आमंत्रित किया गया है। खास बात यह है कि इस बैठक में यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली मूलभूत सुविधाओं, व्यवस्थाओं और उनसे जुड़े लोगों के सुझावों पर गहन चर्चा की जाएगी। इसके साथ ही यात्रा मार्गों की स्थिति, यातायात व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, ठहरने और भोजन की सुविधाओं को लेकर भी मंथन किया जाएगा।

इसके बाद 20 या 21 फरवरी को चारधाम के तीर्थ पुरोहितों और हक-हकूकधारियों के साथ एक और अहम बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर तीर्थ पुरोहितों की क्या अपेक्षाएं और मंशा है। सरकार चाहती है कि यात्रा संचालन में परंपराओं, धार्मिक मान्यताओं और स्थानीय अधिकारों का पूरा सम्मान बना रहे, साथ ही व्यवस्थाएं भी आधुनिक और सुचारु हों। चारधाम यात्रा को लेकर इससे पहले 17 जनवरी को एक प्रारंभिक बैठक आयोजित की जा चुकी है, जिसमें यात्रा की प्राथमिक तैयारियों और संभावित चुनौतियों पर चर्चा की गई थी। अब फरवरी में होने वाली दो अहम बैठकों के बाद मार्च के पहले सप्ताह तक चारधाम यात्रा का पूरा स्वरूप तय होने की संभावना जताई जा रही है। इस वर्ष यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद को देखते हुए राज्य सरकार व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने पर विशेष जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि चारधाम आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर समन्वय बढ़ाया जा रहा है। चारधाम के कपाट खुलने की तिथियों को लेकर भी तस्वीर धीरे-धीरे साफ हो रही है। बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को पूरे विधि-विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की तिथि महाशिवरात्रि के दिन घोषित की जाएगी। वहीं, चारधाम यात्रा की औपचारिक शुरुआत अक्षय तृतीया से होती है, जिस दिन गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खोले जाते हैं। इस वर्ष संभावना जताई जा रही है कि 19 अप्रैल को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का शुभारंभ हो जाएगा। कुल मिलाकर, प्रशासन और सरकार चारधाम यात्रा को लेकर हर स्तर पर तैयारी में जुटी है। आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों के बाद यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं और नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा, ताकि श्रद्धालु आस्था के इस महायात्रा का सुरक्षित और सुगम अनुभव कर सकें।