उत्तराखंड की प्रगति में पशुपालकों का अहम योगदान; मुख्यमंत्री धामी ने किया किसानों का सम्मान

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में बसती है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और मत्स्य पालन केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के सबसे सशक्त माध्यम हैं। वीरवार को देहरादून में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए पशुपालकों, दुग्ध उत्पादकों और मत्स्य पालकों से सीधा संवाद किया और उनके सुझाव सुने।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में दुग्ध और मत्स्य उत्पादन में हो रही निरंतर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। आधुनिक तकनीकों और सरकारी प्रोत्साहन के कारण पशुपालकों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। सीएम धामी ने जोर देकर कहा कि "हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को इन क्षेत्रों में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि हमारे गांवों से पलायन रुके और रिवर्स पलायन को गति मिले। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने मत्स्य पालन की नई तकनीकों और दुग्ध उत्पादों की पैकेजिंग से संबंधित स्टालों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कई सेवा वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन पशु चिकित्सा सेवाओं और दुग्ध विपणन को सुगम बनाने में सहायक होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरोजगार के माध्यम से ही हम 'विकसित उत्तराखंड' के संकल्प को सिद्ध कर सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों और पशुपालकों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने अनुभव साझा किए। संवाद के दौरान पशुपालकों ने सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी और प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना की। इस अवसर पर विभागीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने संबंधित क्षेत्रों में चल रही भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। यह संवाद कार्यक्रम इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार ग्रामीण विकास को अपनी प्राथमिकता में रख रही है। पशुपालन और मत्स्य पालन को आधुनिकता से जोड़कर उत्तराखंड आने वाले समय में एक 'मॉडल स्टेट' बनने की ओर अग्रसर है।