अमरोहा। उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में हरियाणा की एक युवती के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना हसनपुर कोतवाली क्षेत्र के झुलपुरी गांव के पास स्थित एक फार्म हाउस की बताई जा रही है, जिसे उत्तराखंड की खानपुर विधानसभा सीट के निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया गया है। मामले में दो यूपी पुलिसकर्मियों और दो सीआरपीएफ जवानों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हसनपुर थाने में तैनात दरोगा संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद को निलंबित कर दिया है, जबकि दोनों सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट उनके वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी गई है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता हरियाणा के फतेहाबाद क्षेत्र की रहने वाली है। उसकी शिकायत के आधार पर चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि महिला को सुरक्षित निकालकर मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले की जांच जारी है। पुलिस के मुताबिक, महिला की 20 सितंबर को एक परिचित महिला से बात हुई थी। इसके बाद उसे सीआरपीएफ कर्मी मोहित से मिलने और अमरोहा में धार्मिक स्थलों पर घूमने के लिए बुलाया गया। शिकायत के अनुसार, 21 सितंबर को महिला सोनीपत पहुंची, जहां उसकी मुलाकात मोहित से हुई। इसके बाद दोनों मेरठ पहुंचे और वहां सीआरपीएफ के दूसरे कर्मी लालाराम यादव भी उनके साथ हो गए। पुलिस के अनुसार, 22 सितंबर को महिला को दोनों सीआरपीएफ कर्मी कार से हसनपुर लेकर पहुंचे। रास्ते में उनकी मुलाकात हसनपुर थाने में तैनात दरोगा संजय तोमर से हुई। इसके बाद सभी लोग झुलपुरी गांव के पास स्थित फार्म हाउस पहुंचे और वहां दो कमरे लिए गए। बाद में हसनपुर क्षेत्र में तैनात हेड कांस्टेबल प्रमोद भी वहां पहुंचा। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि फार्म हाउस पर खाना-पीना हुआ। इसके बाद तीन आरोपी उसके कमरे में पहुंचे और उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के मुताबिक, बाद में चौथा आरोपी भी कमरे में पहुंचा, लेकिन महिला ने उसे बाहर धकेलकर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद उसने इंटरनेट पर पुलिस का नंबर तलाशकर मदद मांगी। पुलिस के मुताबिक, सूचना मिलने के बाद हसनपुर और राजबपुर थाने की टीमें मौके पर पहुंचीं और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मामले में पीड़िता के बयान और शिकायत को जांच का आधार बनाया है। अमरोहा के एसपी लखन सिंह यादव के मुताबिक, मामले में आरोपी हसनपुर थाने के दरोगा संजय तोमर और हेड कांस्टेबल प्रमोद को निलंबित कर दिया गया है। दोनों सीआरपीएफ कर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट उनके विभागीय अधिकारियों को भेजी गई है। आरोपियों से पूछताछ की गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आरोपियों को न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया है। मामले में पुलिस की जांच के साथ-साथ विभागीय कार्रवाई भी आगे बढ़ रही है।
फार्म हाउस को लेकर विधायक उमेश शर्मा का नाम सामने आया
घटना का स्थान जिस फार्म हाउस को बताया जा रहा है, उसे उत्तराखंड की खानपुर सीट के निर्दलीय विधायक उमेश शर्मा से जुड़ा बताया गया है। पुलिस ने संपत्ति के मैनेजर से भी पूछताछ की है और यह जांच की जा रही है कि महिला और आरोपी वहां तक कैसे पहुंचे तथा फार्म हाउस में उन्हें कमरे किस आधार पर उपलब्ध कराए गए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विधायक की ओर से कहा गया है कि फार्म हाउस में प्रवेश गृह मंत्रालय के अधिकारियों के आने की बात बताकर लिया गया था। इस मामले में पुलिस के सामने कई सवाल हैं। महिला को फार्म हाउस तक किस आधार पर लाया गया, वहां कमरे किसने उपलब्ध कराए, आरोपियों की आपस में क्या भूमिका थी और घटना के बाद पुलिस को सूचना मिलने से लेकर कार्रवाई तक क्या हुआ? इन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। मामले में आगे की स्थिति पुलिस की जांच, मेडिकल रिपोर्ट और अदालत की कार्रवाई के आधार पर स्पष्ट होगी।

