आईएमए के पास कृषि भूमि प्लॉटिंग विवाद पहुंचा उत्तराखंड सरकार तक

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देहरादून। भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) के समीप स्थित कृषि भूमि की कथित अवैध बिक्री और प्लॉटिंग का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शेखुल हिंद एजुकेशन चेरिटेबल ट्रस्ट से जुड़ी इस भूमि प्रकरण में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाते हुए गृह सचिव शैलेश बगौली के माध्यम से जिला प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रस्ट द्वारा खरीदी गई लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि को पहले 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंड के रूप में बेचा गया। इसके बाद इन व्यक्तियों द्वारा उक्त भूमि को 70-80 लोगों को छोटे-छोटे टुकड़ों में विक्रय किए जाने की जानकारी मिली है। इस मामले में जमींदारी विनाश एवं भूमि सुधार अधिनियम की धारा 166/167 के तहत नोटिस जारी किए जा रहे हैं तथा पूरी भूमि को सरकार में निहित करने की कार्रवाई भी अमल में लाई जा रही है।डीएम सविन बंसल ने बताया कि एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार को जांच सौंपी गई है। प्रशासनिक टीम ने पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश की और दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में इस ट्रस्ट को आईएमए के पास इस्लामिक शिक्षण संस्थान खोलने की प्रारंभिक अनुमति दी गई थी। हालांकि, आईएमए द्वारा सुरक्षा कारणों से आपत्ति दर्ज कराए जाने के बाद मामला संवेदनशील हो गया। बाद में यह प्रकरण उच्च न्यायालय तक पहुंचा, जहां स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संबंधित भूमि का लैंड यूज परिवर्तन नहीं किया जाएगा और वह कृषि भूमि ही रहेगी। हाईकोर्ट के 8 जून 2010 के आदेश के अनुपालन में शासन स्तर से भी 19 जुलाई 2016 को पत्र जारी कर स्पष्ट किया गया था कि उक्त भूमि को अकृषि घोषित नहीं किया जाएगा। बावजूद इसके, अब आरोप हैं कि भूमि पर सड़क और बिजली की व्यवस्था कर प्लॉटिंग की जा रही है और बाहरी लोगों को बेचा जा रहा है। स्थानीय ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने पूर्व में भी इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई थीं। आईएमए प्रशासन की ओर से भी समय-समय पर आपत्ति जताए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि यदि भूमि उपयोग नियमों का उल्लंघन हुआ है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार की योजनाओं का सच अब सामने आ रहा है।फिलहाल प्रशासनिक जांच जारी है और पूरे मामले पर शासन की नजर बनी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।