स्क्रीन के पीछे दिल्ली की झुग्गियां छिपने पर AAP का केंद्र पर हमला

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नई दिल्ली। दिल्ली के भारत मंडपम में 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आगाज हो चुका है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत कई देशों के नेता राजधानी पहुंच चुके हैं। सम्मेलन को लेकर दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर साज-सज्जा तक के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। इसी बीच राजधानी की प्रमुख सड़कों और अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के गुजरने वाले रास्तों के आसपास मौजूद झुग्गियों और बस्तियों को पर्दों, स्क्रीन, हरे कवर और अस्थायी ढांचों से ढकने का मुद्दा सियासी विवाद में बदल गया है। आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि BRICS सम्मेलन में विदेशों से आने वाले मेहमानों से दिल्ली की जमीनी हकीकत छिपाने की कोशिश की जा रही है। AAP का कहना है कि बस्तियों को पर्दों के पीछे छिपाने से वहां रहने वाले लोगों की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। पार्टी ने इसे सरकार की उस छवि से जोड़कर देखा है, जिसमें अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की विकास यात्रा और राजधानी की तस्वीर को प्रमुखता से पेश किया जा रहा है। AAP ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक कार्टून साझा कर केंद्र सरकार पर तंज कसा है। इस तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक शीशे के सामने खड़े दिखाया गया है। शीशे पर ‘Vision 2027’ और ‘GDP Superhit’ जैसे शब्द लिखे हैं। शीशे के भीतर विकसित दिल्ली और भारत मंडपम जैसी तस्वीर दिखाई गई है, जबकि शीशे के बाहर झुग्गियां, कचरा और कच्चे मकान नजर आ रहे हैं। कार्टून के जरिए पार्टी ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि जिस विकास की तस्वीर सरकार दुनिया के सामने पेश कर रही है, उसके पीछे राजधानी की बस्तियों और गरीब तबके की समस्याएं भी मौजूद हैं। AAP ने तस्वीर के साथ तंज कसते हुए कहा कि “झुग्गियों को पर्दे से ढकने से हकीकत नहीं बदलेगी” और इसी के साथ GDP ग्रोथ के आंकड़ों को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। AAP ने झुग्गियों को ढकने के मुद्दे को हालिया GDP बहस से भी जोड़ दिया। पार्टी ने अपने पोस्ट में 7.8 प्रतिशत GDP ग्रोथ और 2.6 प्रतिशत के दावे का संदर्भ देते हुए सरकार पर आंकड़ों की तस्वीर बदलकर पेश करने का आरोप लगाया। हालांकि GDP के आंकड़ों और उनकी गणना को लेकर राजनीतिक और आर्थिक बहस अलग मुद्दा है, AAP ने अपने कार्टून के जरिए दोनों विषयों को एक साथ जोड़कर केंद्र सरकार की विकास संबंधी दलीलों पर सवाल उठाने की कोशिश की है। पार्टी की ओर से साझा की गई तस्वीर में प्रधानमंत्री के कार्टून के जरिए भी प्रतीकात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया है। AAP का आरोप है कि सरकार विकास की चमकदार तस्वीर सामने रख रही है, जबकि दिल्ली की जमीनी समस्याओं को नजरों से दूर करने की कोशिश की जा रही है। दिल्ली में प्रमुख सड़कों और बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से जुड़े मार्गों के आसपास झुग्गियों या अनधिकृत बस्तियों को स्क्रीन अथवा दूसरे अस्थायी ढांचों से ढकने का मुद्दा नया नहीं है। बड़े आयोजनों से पहले शहर को सजाने और विदेशी मेहमानों के सामने राजधानी की एक व्यवस्थित तस्वीर पेश करने के लिए इस तरह के इंतजामों पर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। आलोचकों का तर्क रहा है कि किसी शहर की गरीबी या बस्तियों को पर्दे के पीछे छिपाने के बजाय वहां रहने वाले लोगों की मूलभूत समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। दूसरी ओर, ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के दौरान प्रशासन की ओर से शहर की सुंदरता, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर रखने के लिए किए जाने वाले इंतजामों को लेकर भी अलग-अलग तर्क दिए जाते रहे हैं।