गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से बचने के लिए दवा के पैकेट पर एक्सपायरी डेट जरूर देखें

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अगर आप भी सोशल मीडिया, अनजान ऑनलाइन प्लेटफॉर्म या किसी अनधिकृत दुकान से भारी छूट (डिस्काउंट) के चक्कर में दवाएं खरीदते हैं, तो सावधान हो जाइए। सस्ती दवा का यह लालच आपकी बीमारी ठीक करने के बजाय आपको और ज्यादा बीमार, यहाँ तक कि जान जोखिम में डाल सकता है। उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स ने प्रदेश में नकली और कूटरचित (काउंटरफिट) दवाओं के बढ़ते अवैध कारोबार को लेकर आम जनता और दवा विक्रेताओं के लिए एक हाई-अलर्ट जारी किया है।

एसटीएफ ने साफ शब्दों में जनता से अपील की है कि वे 50 से 60 फीसदी जैसी भारी-भरकम छूट के झांसे में आने के बजाय केवल भरोसेमंद और प्रामाणिक स्रोतों से ही अपनी दवाएं खरीदें, क्योंकि जीवन से बढ़कर कुछ भी नहीं है। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बताया कि हाल के दिनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स, सोशल मीडिया ग्रुप्स और अनधिकृत आपूर्ति शृंखलाओं (अनरजिस्टर्ड सप्लाई चेन) के माध्यम से धड़ल्ले से नकली दवाएं बेची जा रही हैं। यह अवैध धंधा सीधे तौर पर मासूम लोगों के स्वास्थ्य और उनके जीवन के लिए एक गंभीर खतरा बन चुका है। एसएसपी ने आम जनता से भावुक और जागरूक अपील करते हुए कहा कि दवाएं हमेशा पंजीकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। दवा लेते समय दुकानदार से खरीद का पक्का बिल अवश्य मांगें, क्योंकि यह न सिर्फ आपकी सुरक्षा की गारंटी है बल्कि किसी भी गड़बड़ी पर कानूनी सबूत भी बनता है। एसटीएफ ने उपभोक्ताओं को जागरूक करने के लिए कुछ बेहद महत्वपूर्ण और आसान टिप्स भी साझा किए हैं, जिन्हें दवा खरीदते समय हर नागरिक को अपनाना चाहिए। दवा की स्ट्रिप (पत्ता) या मुख्य पैकेजिंग पर मौजूद क्यूआर कोड अथवा बारकोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर उसकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें। दवा पर लिखे बैच नंबर, निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि तथा एमआरपी का दवा विक्रेता द्वारा दिए गए बिल से बारीकी से मिलान करें। सोशल मीडिया के जरिए या सीधे तौर पर अत्यधिक छूट का लालच देकर सस्ती दवा उपलब्ध कराने वाले अज्ञात व्यक्तियों से पूरी तरह दूरी बना लें। एसटीएफ ने जनता को सचेत करने के साथ-साथ नकली दवाओं के कारोबार में लिपटे माफियाओं को भी सख्त लहजे में चेतावनी दी है। एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि नकली दवाओं के निर्माण, उनके अवैध विक्रय, वितरण और ऑनलाइन सिंडिकेट चलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे समाजविरोधी तत्वों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और अन्य कठोर कानूनी धाराओं के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।