Thursday, July 18, 2024
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सीएम धामी ने 14 को तीलू रौतेली और 35 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुस्कार से सम्मानित किया

तीलू रौतेली उत्तराखंड का जाना माना पुरस्कार है। यह उन महिलाओं को दिया जाता है जो अपने-अपने क्षेत्र में बेहतर काम करती हैं। इसी कड़ी में 14 वीरांगनाओं और 35 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीलू रौतेली पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया है।

सर्वे चौक स्थित आईआईटी सभागार में तीलू रौतेली अवॉर्ड को लेकर कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और महिला एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य शामिल हुई। इसी बीच उन्होंने 14 वीरांगनाओं “राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार” और 35 महिलाओं को “आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। खास बात यह है कि इस बार अवार्ड की रकम राशि को बढ़ाकर ₹51000 किया गया है। कार्यक्रम में आज जिन महिलाओं को सम्मान मिला है। उसमें निवेदिता कार्की शामिल हैं जिन्होंने अपनी बोर्ड की परीक्षा छोड़कर स्वीडन में मुक्केबाजी में स्वर्ण पदक जीता था। खेल दिव्यांग वर्ग में एथलीट गरिमा जोशी ने भी इस अवार्ड को हासिल किया है। बागेश्वर की रहने वाली मोहिनी और चंपावत की रहने वाली शंभावी मुरारी को योग और कला के क्षेत्र में यह अवार्ड मिला है। वहीं पर्वतारोहण में देहरादून की अमीषा और ताईकमांडो के क्षेत्र में हरिद्वार की रहने वाली दिव्या भारद्वाज को भी तीलू रौतेली पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में नैनीताल की मंजू को भी यह अवार्ड दिया गया है। महिलाओं को रोजगार और कामकाज से जोड़ने के लिए पौड़ी की नूतन पंत को मुख्यमंत्री धामी ने सम्मानित किया है। रुद्रप्रयाग की रहने वाली प्रीति को पर्यावरण के लिए और टिहरी की हिमानी को खेल के लिए सम्मानित किया गया है। दिव्यांग उधम सिंह नगर की नीलिमा राय और साहसिक कार्यों के लिए उत्तरकाशी की ममता और नैनीताल की कमला अरोड़ा को भी तीलू रौतेली पुरस्कार हासिल हुआ है। 20 किलोमीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतने वाली चमोली की मानसी नेगी को भी आज अवार्ड समारोह में सम्मानित किया गया है। उत्तराखंड की तीलू रौतेली एक ऐसी वीरांगना थीं 15 साल में रणभूमि में कूद पड़ी थी और सात साल तक उन्होंने अपने दुश्मन राजाओं को कड़ी चुनौती दी थी। तीलू रौतेली ने 22 साल की उम्र में सात युद्ध लड़े थे। जिससे वह पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गई। इसी बात को ध्‍यान में रखते हुए तीलू रौतेली के नाम पर वर्ष 2006 से तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार की शुरूआत की गई। तीलू रौतेली अवार्ड राज्य सरकार हर साल महिलाओं को देती है। पहले इस अवार्ड के साथ 30000 की सम्मान राशि महिलाओं को दी जाती थी लेकिन अब इसे ₹51000 कर दिया गया है। वहीं राज्य सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पुरस्कार के तौर पर भी ₹51000 दिए हैं।

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