नई दिल्ली। भारतीय दूतावास तेहरान ने ईरान में तेजी से बिगड़ते हालात को देखते हुए बुधवार को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। दूतावास ने वहां रह रहे सभी भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान छोड़ने की सख्त सलाह दी है। साथ ही आपातकालीन सहायता और समन्वय के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि 7 अप्रैल 2026 को जारी पूर्व निर्देशों के संदर्भ में हालिया घटनाओं को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक दूतावास के मार्गदर्शन और सुझाए गए सुरक्षित मार्गों का पालन करते हुए तुरंत देश छोड़ें। दूतावास ने चेतावनी दी है कि बिना पूर्व अनुमति और समन्वय के किसी भी अंतरराष्ट्रीय सीमा की ओर जाने का प्रयास न करें, क्योंकि इससे सुरक्षा जोखिम बढ़ सकता है। इससे एक दिन पहले भी दूतावास ने एक महत्वपूर्ण सलाह जारी करते हुए भारतीयों को 48 घंटे तक अपने सुरक्षित ठिकानों पर ही रहने को कहा था। नागरिकों को निर्देश दिया गया था कि वे सैन्य प्रतिष्ठानों, बिजली से जुड़े संवेदनशील ढांचों और ऊंची इमारतों की ऊपरी मंजिलों से दूर रहें। साथ ही अनावश्यक यात्रा से बचने और किसी भी मूवमेंट से पहले दूतावास से संपर्क करने को कहा गया था। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तनाव कम करने की कोशिशें जारी हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमति बनी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर जानकारी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के अनुरोध पर अमेरिका ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को रोकने का फैसला लिया। हालांकि इसके बदले ईरान से होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित और तत्काल रूप से खोलने की शर्त रखी गई है। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम के बीच अमेरिकी राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने ट्रंप के बयानों और ईरान को लेकर उनकी आक्रामक नीति पर सवाल उठाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग तक कर दी है। वर्तमान हालात को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है और किसी भी समय बदल सकती है। ऐसे में भारतीय दूतावास तेहरान द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना वहां रह रहे भारतीयों के लिए बेहद जरूरी है।

