रिक्त मंत्री पदों का हुआ सफल भरावा: उत्तराखंड शासन की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की कोशिश

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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा शुक्रवार को किए गए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब सभी की नजरें विभागों के आवंटन पर टिकी हैं। पांच नए मंत्रियों खजान दास, मदन कौशिक, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा को अपने विभागों का कार्यभार संभालने के लिए एक दिन और इंतजार करना पड़ सकता है, लेकिन सूत्रों के अनुसार रविवार को विभाग आवंटन की अंतिम सूची जारी होने की संभावना है। सरकार ने नए मंत्रियों को संकेत दिए हैं कि वे सोमवार से अपना कार्यभार संभाल लें, जिससे लगभग तय माना जा रहा है कि रविवार को कैबिनेट सचिवालय से औपचारिक आदेश जारी हो जाएगा। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद अब उत्तराखंड कैबिनेट में कुल 12 मंत्री हो गए हैं, जो अधिकतम सीमा के करीब है। इन पांच नए मंत्रियों को विभाग सौंपने की प्रक्रिया केवल नए चेहरों तक सीमित नहीं रहेगी। राजनीतिक और प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी फेरबदल हो सकता है। मुख्यमंत्री धामी वर्तमान में 35 से अधिक विभागों का प्रभार संभाल रहे हैं, जिनमें कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं। इनका पुनर्वितरण क्षेत्रीय संतुलन, सामाजिक समीकरण और प्रशासनिक दक्षता को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

पिछले कुछ महीनों से पांच मंत्री पद रिक्त चल रहे थे। इनमें से तीन पद लंबे समय से खाली रखे गए थे, जबकि एक पद पूर्व मंत्री चंदन राम दास के निधन के बाद और दूसरा प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के कारण रिक्त हुआ था। इन रिक्त पदों के कारण कई महत्वपूर्ण विभाग मुख्यमंत्री के पास ही थे, जिससे कार्यभार संतुलित करने की आवश्यकता बढ़ गई थी। अब नए मंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपने के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना से सरकार की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने की कोशिश दिख रही है। राजनीतिक हलकों में विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चाएं जोरों पर हैं। इंटरनेट मीडिया पर फर्जी सूचियां भी वायरल हो रही हैं, लेकिन आधिकारिक स्रोतों ने इनकी पुष्टि नहीं की है। सूत्र बताते हैं कि सरकार जल्दबाजी से बचते हुए संतुलित और रणनीतिक फैसला लेना चाहती है। कुछ अहम विभागों जैसे शहरी विकास, पर्यटन, स्वास्थ्य, शिक्षा, गृह या परिवहन में फेरबदल हो सकता है, जबकि नए मंत्रियों को उनके राजनीतिक वजन और क्षेत्रीय प्रभाव के आधार पर जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल विस्तार को 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी से भी जोड़ा जा रहा है। पार्टी ने अनुभवी और नए चेहरों का संतुलन बनाकर जातीय, क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरण मजबूत करने की कोशिश की है। मदन कौशिक जैसे वरिष्ठ नेता की वापसी और अन्य नए चेहरों की एंट्री से सरकार को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। विभाग आवंटन के बाद मंत्रियों की पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसलों की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल प्रदेशवासी और राजनीतिक दल रविवार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं, जो धामी सरकार के अगले चरण की दिशा तय करेगा।