देहरादून। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर उत्तराखंड में व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इसी क्रम में सरसंघचालक मोहन भागवत के दो दिवसीय प्रवास से पूर्व प्रदेशभर में 1000 हिंदू सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। संघ पदाधिकारियों ने बताया कि यह लक्ष्य 22 फरवरी से पहले पूरा करने का निर्णय लिया गया है।
संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों के तहत समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने की योजना बनाई गई है। सम्मेलन के माध्यम से सामाजिक समरसता, संगठन विस्तार और वैचारिक संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत और नेतृत्वकारी भूमिका निभा रहे लोगों से संघ के वरिष्ठ अधिकारी संवाद करेंगे। प्रांत कार्यवाह दिनेश सेमवाल ने जानकारी दी कि सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 22 और 23 फरवरी को दो दिवसीय उत्तराखंड प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वह देहरादून स्थित संघ के प्रांत कार्यालय में ठहरेंगे। 22 फरवरी को उनका संवाद समाज के प्रमुख नागरिकों के साथ आयोजित किया जाएगा, जबकि 23 फरवरी को सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ विशेष बैठक होगी। संघ कार्यकर्ताओं ने इन कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रमुख नागरिकों और पूर्व सैनिकों की सूची तैयार कर उन्हें आमंत्रण भेजे जा चुके हैं। सम्मेलन और संवाद कार्यक्रमों के माध्यम से संघ समाज के विभिन्न वर्गों के साथ संपर्क और संवाद को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। संघ पदाधिकारियों का कहना है कि शताब्दी वर्ष केवल उत्सव नहीं, बल्कि संगठन विस्तार और समाज के साथ गहरे जुड़ाव का अवसर है। सरसंघचालक के प्रवास को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।

