चमोली। उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश और भूस्खलन के बीच एक बड़ा हादसा टल गया। चमोली जिले के पीपलकोटी में हुए भयावह टनल हादसे का जायजा लेने और पीड़ितों से मिलने जा रहे गढ़वाल से बीजेपी सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर ऋषिकेश-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अचानक पहाड़ी से एक विशाल पत्थर (बोल्डर) आ गिरा। इस घटना में सांसद अनिल बलूनी और उनके साथ वाहन में मौजूद सभी लोग बाल-बाल बच गए हैं। पीपलकोटी टनल हादसे का जायजा लेने जा रहे गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी शुक्रवार को बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। ऋषिकेश-बदरीनाथ हाईवे पर तोताघाटी के पास अचानक पहाड़ी से एक भारी बोल्डर उनकी इनोवा गाड़ी पर आ गिरा। बोल्डर की चपेट में आने से वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन सांसद समेत गाड़ी में सवार सभी लोग सुरक्षित रहे। हादसे के बाद कुछ देर के लिए मौके पर अफरातफरी की स्थिति बन गई। भारी बारिश के बीच सांसद बलूनी पीपलकोटी के मायापुर में हुई टीएचडीसी की निर्माणाधीन सुरंग दुर्घटना का जायजा लेने जा रहे थे। इसी दौरान तोताघाटी के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर नीचे आ गिरा और सीधे उनकी गाड़ी के बाईं ओर के अगले हिस्से से टकरा गया। गनीमत रही कि बोल्डर वाहन के ऐसे हिस्से से टकराया, जिससे अंदर बैठे लोगों को चोट नहीं आई। हादसे के बाद क्षतिग्रस्त वाहन को श्रीनगर ले जाया गया, जहां उसकी आवश्यक मरम्मत कराई गई। इसके बाद सांसद दोबारा पीपलकोटी के लिए रवाना हो गए। उन्होंने कहा कि बदरी-केदार की कृपा से सभी लोग सुरक्षित हैं। वाहन को थोड़ा नुकसान हुआ है और मरम्मत कराने के बाद वह फिर पीपलकोटी के लिए निकल पड़े हैं। पीपलकोटी में 13 अगस्त की शाम करीब सात बजे टीएचडीसी की विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीआरटी टनल में अचानक भूधंसाव के बाद पानी और मलबा घुस गया था। करीब तीन किलोमीटर लंबी टनल के लगभग डेढ़ किलोमीटर हिस्से में हुए हादसे के दौरान कई श्रमिक अंदर फंस गए थे। प्रशासन के अनुसार हादसे के समय 22 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान 12 घायल श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि तीन लोग अभी भी लापता हैं। लापता श्रमिकों की तलाश के लिए एसडीआरएफ, एनडीआरएफ समेत अन्य एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। पीपलकोटी टनल हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान पहले ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चल रहा है। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और बोल्डर गिरने का खतरा बना हुआ है। ऐसे में पीपलकोटी पहुंच रहे जनप्रतिनिधियों और राहत दलों को भी बेहद सतर्क होकर आवाजाही करनी पड़ रही है। सांसद बलूनी के वाहन पर बोल्डर गिरने की घटना ने बदरीनाथ हाईवे पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। विशेषकर बरसात के दौरान तोताघाटी और अन्य संवेदनशील पहाड़ी हिस्सों में अचानक मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं लगातार चुनौती बनी हुई हैं। सांसद के सुरक्षित बचने के बाद उन्होंने पीपलकोटी पहुंचकर टनल हादसे की स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित श्रमिकों के परिवारों से मुलाकात करने का कार्यक्रम जारी रखा।

