देहरादून। राजधानी देहरादून में वर्तमान में चल रहे रमजान के पवित्र महीने और आगामी होली के उल्लासपूर्ण पर्व को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा का अभेद्य किला तैयार कर लिया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी थाना क्षेत्र में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा या कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हुई, तो इसके लिए सीधे तौर पर संबंधित थाना प्रभारी जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों (सीओ) और थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने निर्देश दिए कि पूर्व के वर्षों में त्योहारों के दौरान हुए विवादों और घटनाओं का गहन अध्ययन (केस स्टडी) किया जाए। इसी आधार पर संवेदनशील स्थानों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। एसएसपी ने कहा कि पुलिस की सक्रियता ऐसी होनी चाहिए कि उपद्रवी तत्व सिर न उठा सकें। जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन क्रैकडाउन' की समीक्षा करते हुए एसएसपी ने सत्यापन अभियान में तेजी लाने को कहा। उन्होंने हिदायत दी कि औद्योगिक क्षेत्रों, संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और रिहायशी इलाकों में रहने वाले बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन में कोई भी कोताही न बरती जाए। एसएसपी ने दो टूक कहा कि सत्यापन कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इसके लिए उन्होंने सभी थाना क्षेत्रों में नियमित चेकिंग पॉइंट के अलावा आकस्मिक (सरप्राइज) चेकिंग चलाने के निर्देश भी दिए। त्योहारों के दौरान बाजारों में होने वाली भीड़ को देखते हुए एसएसपी ने पुलिस की 'विजिबिलिटी' (दृश्यता) बढ़ाने पर जोर दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि पीक आवर्स के दौरान सभी क्षेत्राधिकारी (सीओ) और थाना प्रभारी खुद व्यस्त मार्गों और चौराहों पर उपस्थित रहकर चेकिंग का नेतृत्व करें। एसएसपी के अनुसार, पुलिस की सड़कों पर मौजूदगी ही जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करती है और अपराधियों में डर। बैठक के दौरान संगठित अपराधों पर प्रहार करते हुए एसएसपी ने निर्देश दिए कि सक्रिय अपराधियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत तत्काल कार्रवाई की जाए। यदि किसी अपराधी के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई के बाद भी उसे निरुद्ध करने में ढिलाई बरती गई, तो संबंधित थाना प्रभारी के साथ-साथ सीओ की जिम्मेदारी भी तय होगी। साथ ही, जिले के ईनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का लक्ष्य दिया गया है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल के इन कड़े निर्देशों ने यह साफ कर दिया है कि पुलिस प्रशासन इस बार त्योहारों के दौरान शांति व्यवस्था से कोई समझौता नहीं करेगा। जिले में गश्त तेज कर दी गई है और खुफिया तंत्र को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि होली और रमजान का समय शांतिपूर्ण और भाईचारे के साथ संपन्न हो सके।

