सकारात्मक सामाजिक प्रभाव के लिए गोदान को टैक्स फ्री दर्जा

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देहरादून। उत्तराखंड में किसान परंपरा, ग्रामीण जीवन और गोवंश के महत्व को केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘गोदान’ को राज्य सरकार ने टैक्स फ्री करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि समाज, संस्कृति और जनहित से जुड़े विषयों पर बनने वाली फिल्मों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। 6 फरवरी को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज हुई यह फिल्म भारतीय संस्कृति और परंपराओं को प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करती है, इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि गोदान जैसी फिल्में केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को दिशा देने का काम भी करती हैं। उन्होंने कहा कि गाय सिर्फ धार्मिक या आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सामाजिक ताने-बाने का मजबूत आधार है। खेती, पशुपालन और ग्रामीण जीवन में गोवंश की भूमिका को समझाने में इस तरह की फिल्में अहम भूमिका निभा सकती हैं। सीएम धामी ने विश्वास जताया कि फिल्म ‘गोदान’ समाज में संवेदनशीलता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देगी तथा गो-सेवा और गोवंश संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करेगी। उन्होंने दोहराया कि गोवंश का संरक्षण और संवर्धन उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी दिशा में राज्य सरकार लगातार गोसदनों को बढ़ावा दे रही है, ताकि निराश्रित और बेसहारा गोवंश की उचित देखभाल सुनिश्चित की जा सके। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों और गोपालकों की आय बढ़ाने के लिए भी प्रयासरत है। इससे न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियां उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और सरकार इन्हें सशक्त बनाने के लिए निरंतर काम कर रही है। धामी सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक, सांस्कृतिक और जनहित से जुड़े विषयों पर बनने वाली फिल्मों और रचनात्मक प्रयासों को भविष्य में भी पूरा सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि फिल्म जगत की जिम्मेदारी है कि वह मनोरंजन के साथ-साथ ज्ञानवर्धक और समाजोपयोगी सामग्री को भी जनता तक पहुंचाए।