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उत्तराखंड में एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी, 9.31 लाख नाम बाहर,1.29 लाख नए वोटर जुड़े

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उत्तराखंड में लंबे समय से चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया आखिरकार संपन्न हो गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम द्वारा जारी अंतिम मतदाता सूची ने राज्य की जनसांख्यिकी और चुनावी गणित का एक नया खाका प्रस्तुत किया है। SIR की इस वृहद कवायद के बाद प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस प्रक्रिया का सबसे चर्चित पहलू यह रहा कि कुल 9,31,685 नाम मतदाता सूची से बाहर हो गए हैं।

प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शुक्रवार को अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई। मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बीवीआरसी पुरुषोत्तम ने प्रेस वार्ता में अंतिम सूची के आंकड़े जारी करते हुए बताया कि प्रदेश में अब कुल 71,58,949 मतदाता दर्ज हैं। एसआईआर की शुरुआत के समय प्रदेश में 79,60,762 मतदाता थे। इस तरह पूरी प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में नाम सूची से बाहर हुए, वहीं सत्यापन के बाद पात्र नए मतदाताओं को भी सूची में शामिल किया गया है। एसआईआर के दौरान मतदाता सूची के सत्यापन को लेकर कई चरणों में प्रक्रिया चली। निर्वाचन विभाग ने पुराने मतदाताओं का सत्यापन करने के साथ ही नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने का काम भी किया। 14 जुलाई को जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में 71,33,785 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद दावे और आपत्तियां दाखिल करने के लिए मतदाताओं को निर्धारित समय दिया गया। 10 जुलाई से 28 सितंबर तक दावे-आपत्तियों की सुनवाई और उनके निस्तारण की प्रक्रिया चली। निर्वाचन विभाग के अनुसार एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान 1,04,708 मतदाताओं के नाम काटे गए, जबकि अंतिम सूची में 1,29,872 नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। यही वजह है कि ड्राफ्ट सूची की तुलना में अंतिम मतदाता सूची में करीब 25 हजार मतदाताओं की बढ़ोतरी हुई है। विभाग का कहना है कि सत्यापन और दावे-आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची तैयार की गई है। एसआईआर की शुरुआत आठ जून को हुई थी। उस समय प्रदेश में 79,60,762 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद गणना प्रपत्रों के माध्यम से मतदाताओं से जानकारी प्राप्त की गई। सात जुलाई तक गणना प्रपत्र जमा कराने की प्रक्रिया चली और इसके बाद 14 जुलाई को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई। पहले अंतिम मतदाता सूची 15 सितंबर को जारी की जानी थी। हालांकि उत्तराखंड के पांच जिलों में उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों से मतदाताओं के सत्यापन की प्रक्रिया के चलते अंतिम सूची जारी करने की तारीख आगे बढ़ाई गई। निर्वाचन आयोग ने बाद में इसके लिए तीन अक्तूबर की तारीख निर्धारित की थी। अंतिम सूची जारी होने के बाद भी जिन पात्र मतदाताओं का नाम मतदाता सूची में नहीं है, उनके लिए रास्ता बंद नहीं हुआ है। निर्वाचन विभाग के अनुसार ऐसे लोग फॉर्म-6 भरकर दोबारा मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए आगे विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में नामों का सत्यापन किया गया है। ऐसे मतदाता जिनके नाम प्रक्रिया के दौरान हटे हैं या जो किसी कारण से अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाए, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दावा कर सकेंगे। नए पात्र मतदाताओं को भी मतदाता सूची में शामिल करने का अभियान जारी रहेगा।

एसआईआर के आंकड़ों से समझिए तस्वीर
चरण    मतदाताओं की संख्या
एसआईआर शुरू होने के समय    79,60,762
14 जुलाई की ड्राफ्ट सूची              71,33,785
अंतिम मतदाता सूची                    71,58,949
अंतिम सूची में नए मतदाता              1,29,872
एसआईआर में काटे गए मतदाता      1,04,708

अंतिम मतदाता सूची जारी होने के साथ प्रदेश में एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब निर्वाचन विभाग का फोकस छूटे हुए पात्र मतदाताओं और नए मतदाताओं को सूची में शामिल करने के अभियान पर रहेगा।