नई दिल्ली। लोकसभा में आज सोमवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेपर लीक रोकने वाले कानून को और सख्त बनाने के लिए एक विधेयक पेश कर दिया है। हालांकि, विधेयक पेश किए जाने के दौरान सदन में विपक्षी दलों का हंगामा भी जारी रहा। विपक्ष ने छात्रों के आंदोलनों पर कथित पुलिस कार्रवाई, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और सरकार की जवाबदेही को लेकर केंद्र पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पूरा सिस्टम ही खड़ा दिखाई दे रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित तौर पर एके-47 से गोली चलाए जाने की खबरें सामने आ रही हैं और बड़ी संख्या में छात्रों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से सवाल करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी नहीं किए जाने और उन्हें रिहा करने का जो वादा किया गया था, उसका क्या हुआ? उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत छात्रों के खिलाफ कार्रवाई और कथित तौर पर बल प्रयोग किया जा रहा है। राहुल गांधी ने अपने बयान में दिल्ली और बिहार की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार या दिल्ली हर जगह एक जैसा पैटर्न दिखाई दे रहा है। उन्होंने सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री से देश के छात्रों से माफी मांगने और कथित तौर पर छात्रों पर हमला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इस बीच कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने भी छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार को लगता है कि युवाओं पर पैलेट गन चलाए जाने के बाद यह मामला संसद में नहीं उठेगा। पवन खेड़ा ने कहा कि यह मुद्दा संसद में निश्चित रूप से उठाया जाएगा और सरकार को इस मामले में जवाब देना होगा। उन्होंने सरकार से माफी मांगने और जिम्मेदारी तय करने की मांग भी की। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स को लेकर भी पवन खेड़ा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को काम करने के लिए कांग्रेस के नेताओं और विचारों का सहारा लेना पड़ रहा है। पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपनी बात की शुरुआत जवाहरलाल नेहरू से करते हैं और फिर नंदन नीलेकणी तक पहुंच जाते हैं। इससे पहले संसद परिसर में भी विपक्षी दलों ने छात्रों के मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। संसद के मकर द्वार पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा सहित विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। विपक्षी सांसदों ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई कथित घटनाओं को लेकर केंद्र सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शनकारी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री से पूरे मामले में जवाबदेही तय करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

