दिल्ली मंथन से तय होगा उत्तराखंड भाजपा का मैदानी अभियान, संगठन के प्रचार तंत्र को किया जाएगा और मजबूत

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देहरादून। उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। चुनाव की आगे की रणनीति को अंतिम रूप देने और धरातल पर उतारने के लिए बुधवार को दिल्ली में भाजपा कोर कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है। इस उच्चस्तरीय बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के साथ-साथ पार्टी के कई केंद्रीय व राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

भाजपा के लिए यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसमें चुनावी तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से विचार किया जाएगा। पार्टी का लक्ष्य आगामी विधानसभा चुनाव में जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाकर चुनावी अभियान को और धार देना है। जानकारी के अनुसार, कोर कमेटी की बैठक के बाद संगठनात्मक बैठकों का सिलसिला भी शुरू होगा। इनमें विस्तारक योजना को गति देने, बूथ समितियों को सक्रिय करने और चुनावी रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर रहेगा। भाजपा संगठन मानता है कि मजबूत बूथ प्रबंधन ही चुनावी सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि दिल्ली में होने वाली बैठक में चुनावी रणनीति के हर पहलू पर बिंदुवार चर्चा होगी। बैठक में लिए गए निर्णयों को प्रदेश स्तर पर लागू करने के लिए अलग-अलग संगठनात्मक बैठकों का आयोजन किया जाएगा, ताकि तय रणनीति को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा सके। भाजपा ने जनप्रतिनिधियों के सम्मेलन की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। इसके तहत राज्य की पांचों लोकसभा सीटों के सांसद अपने-अपने संसदीय क्षेत्र के विधायकों के साथ बैठक कर स्थानीय राजनीतिक परिस्थितियों और चुनावी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। इन बैठकों के जरिए क्षेत्रवार रणनीति तैयार की जाएगी और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय को मजबूत किया जाएगा। युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए भाजपा पहले से ही पूरे प्रदेश में 'युवा संवाद' कार्यक्रम चला रही है। पार्टी की योजना सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में युवा संवाद आयोजित कर युवाओं के सुझाव लेने और उन्हें संगठन से जोड़ने की है। भाजपा का मानना है कि युवाओं की भागीदारी आगामी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि दिल्ली में होने वाली यह बैठक भाजपा के चुनावी अभियान की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियां तय करने और चुनावी रणनीति को अंतिम रूप देने के बाद पार्टी राज्य में अपने अभियान को और अधिक गति देने की तैयारी में जुट जाएगी।